Books / History of Sanskrit Poetics Pandurang Vaman Kane

405. INDEX OF AUTHORS AND WORKS 413

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INDEX OF AUTHORS AND WORKS 413

C उदाहरणाववरण Ano. Cऋजुवृत्ति of नरसिंहसूरि, son सुमनामनाहरा of गापानाथ. End of 17th cen. of तिम्माजिमन्त्रिन्. Comm- काव्यप्रकाशखण्डन or काव्यामृततर- ents on कारिकाs only. f्गिणी, Ano. V.N. vol. 8 C कविनन्दिका or कविनन्दिनी No. 2674. of रामकृष्ण. काव्यप्रकाशखण्डन of सिद्धिचन्द्र C कारिकावलि of कलाधर (1587-1666 A. D.) ed. by C काव्यकौमुदी of देवनाथ. R .. C. Parikh; vide Pro. of Written in संवत् 1717 17th All I. O. on pp. 252ff. (1660-61 A. D.). V. काव्यमञ्जरी-V. under कुवलयानन्द. B. O. R. I. mss. cat. काव्यमीमांसा of राजशखर. V. pp. vol. XII p. 81. 208-218 above. First qua- C काव्यदर्पण of मधुमतिगणेश rter of 10th cen. C पदवृत्ति by नागराजकेशव. काव्यरत्न of केवशमिश्र; m. in his Cभावार्थ of रामकृष्ण. Same as कविनन्दिनी com. above अल क्कारशखर; V. p. 317 above. Latter half of 16th cen. C मधुररसा by कृष्णद्विवेदिन्. काव्यरत्न of विश्वेश्वर. V. under C रसप्रकाश by श्रीकृष्णशमन्. his अल ङ्कारकौस्तुभ. C रहस्यनिबन्ध by भास्कर. काव्यरत्नाकर of ब चारामन्यायालङ्कार, C रहस्यप्रकाश of रामनाथविद्या- son of राजाराम. वाचस्पति. He composed his काव्यरसायन. com.on भवदेव's संस्कारपद्धति काव्यलक्षण Ano. Treats of chara- in 1623 A. D. cteristics of काव्यs and रूपकs. C रहस्यप्रकाश of जगदीशभट्टाचार्य; काव्यलक्षणविचार. Ano. Mentions lived at नवद्वीप at beginning चित्रमीमांसा and रसगङ्गा०. of 17th cen; ms. written by Madras cat. vol. 22 No. his pupil in 1579 śaka. 12979. V. N. vol. 4 p. 225. काव्यविलास of चिरञ्जीवभट्टाचार्य, C विवरण by गोकुलनाथ उपाध्याय son of राघवे; mentions between 1650-1730 A. D. C विषमपदी of शिवरामत्रिपाठिन्. रसगङ्गाधर. Pr. in सरस्वतीभवन series. Contains two chap. C श्लोकदीपिका of गोविन्दठक्कुर. dealing with रस and अलङ्कार, Same as · उदाहरणदीपिका illustrations being composed above. by himself. Composed in C श्लोकदीपिका by जनार्दनव्यास, 1703 A.D. pupil of अनन्त. काव्यवृत्तिरत्नावलि of नारायण in 9 C सार by रामचन्द्र. प्रकरणs. V. Tanjore cat. साहित्यचन्द्र on कारिकाड vol. IX pp. 4012-14. only. काव्यशिक्षा of गङ्गादास. About C सुबोधिनी of वे ङ्टाचलसूरि. 1425 A. D. V. Prof. Gode