Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

1. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — पुरुषों के लक्तणं

पुरुषों के लक्तणं

उन्मानमानगतिसारमनूकमादौ स्नेहस्वरप्रकृतिवर्णससन्धिसत्त्वम्। क्षेत्रं मृजां च विधिवत्कुशलोऽवलोक्य सामुद्रविद्धदति यातमनागतं च ॥ ६ ॥ सुदन्त सामुद्रक-शास्त्रवेत्ता पहले मनुष्य की देह में उच्चता, परिमाणता, गृति, बल, भुखाकनि, चिकनई, स्वर, स्व्रमात्र, वर्ण, सन्धिसमेत सच्त, क्षेत्र और लावएय को विशेषना से देखकर गत अथवाअनागत शुभागुभ को कहे॥ ६ ॥