Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

1. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — लक्षण

लक्षण

उन्मानमानगतिसारमनूकमादौ स्नेहस्वरप्रकृतिवर्णससन्धिसत्त्वम्। क्षेत्रं मृजां च विधिवत्कुशलोवलोक्य सामुद्रविद्वदति यातमनागतं च ॥ ५ ॥। सुदक्ष सामुद्रिक शास्त्रवेत्ता दैवज्ञ विद्वान् पहिले मनुष्यकी देहमें उच्चता, परिमाणता, गति, वल, मुखाकृति, चिकनई, स्वर, स्वभाव, वर्ण, सन्धिसमेत सच्व, क्षेत्र और लावएयता को विशेपता से देखकर गत व अनागत शुभाशुभ को कहै ॥ ५ ॥