Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

40. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — मज्जामेदस्सारलक्षण

मज्जामेदस्सारलक्षण

स्निग्धत्वकका धनिनो मृदुभि: सुभगा विचक्षणास्तनुभिः। मज्जा मेद: सारा: मुशरीराः पुत्रवित्तयुक्काः॥२॥ जिनकी खाल चिकनी हो व शरीर कोमल हो तो उन माणियों में त्वचा का सार जानना चाहिये और वे माणणी धनी व सौभाग्यशाली होकर बड़े पिडत होते हैं व जिन का शरीर अतिसुशोभन हो तो उन प्राणियों में मज्जा व मेदा का सार जानना चाहिये और वे प्राणी पुत्रवान होकर धनशाली होते हैं ॥ २ ॥