Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

60. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — स्त्रियों के चित्तादिलक्षण

स्त्रियों के चित्तादिलक्षण

दाच्तिरययुक्कमशठं परपुष्टहंसवल्गुप्रभापितमदीनमनल्प- सौख्यम्। नासा समा समपुटा रुचिरा प्रशस्ता दग्नीलनीर- जदलद्युतिहारिणी च ॥८ ॥ सौभाग्यवती स्रिरियों का चित्त दयाशील, कपटहीन और शब्द कोकिला व हंसशब्द् के समान होता है। नासिका सम व सपान पुटवाली होकर सुन्दर हो तो प्रशस्त जानना चाहिये। नील कमलदल के समान नेत्र अच्छे कहाते हैं ॥ ८ ॥