Books / Saral Samudrik Shastra — Face Reading

11. Saral Samudrik Shastra — 6. शुक्र रेखा

6. शुक्र रेखा

ललाट पर पायी जाने वाली शुक्र रेखा से जातक में-स्त्री सुख, सम्पन्नता, सुख, सच्चा प्रेम, दाम्पत्य जीवन, विपरीत लिंग की ओर आकर्षण, आदि के बारे में जाना जाता है।

  1. शुक्र रेखा अखण्ड व स्पष्ट होने से स्त्री सुख की प्राप्ति होती है। ऐसे जातक अच्छे प्रेम के स्वामी होते हैं। ऐसे जातक का दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है।

  2. शुक्र रेखा दोषपूर्ण या खण्डित होने से जातक का दाम्पत्य जीवन अधिक सुखी नहीं होता तथा ऐसे जातक दिखावटी प्रेम करता है।

  3. यदि ललाट में चार रेखायें हो तथा शुक्र और शनि रेखा किसी अन्य छोटी रेखा द्वारा कटती हो तो वह जातक बुद्धिमान सच्चरित्र और सरल स्वभाव का होता है।

  4. शुक्र रेखा से कई छोटी रेखायें चन्द्र रेखा की ओर जाने से जातक की आर्थिक स्थिति खराब होती है तथा कर्जा लेना पड़ता है।


7. बुध रेखा

ललाट पर पायी जाने वाली बुध रेखा से जातक में — विद्वत्त, वाणी, वाक्पटुता, तर्क शक्ति, बौद्धिक गुण, निर्णय क्षमता, अच्छे बुरे की समझ, गणित आदि के बारे में जाना जाता है।

  1. जिस जातक की बुध रेखा निर्दोष एवं स्पष्ट हो, तो वह जातक अनेक लोगों का मित्र होता है। यदि यह रेखा खण्डित हो तो जातक को दुःख भुगतना पड़ता है। अच्छी बुध रेखा जातक में तर्क शक्ति, वाक्पटुता एवं अच्छे बुरे की समझ उत्पन्न करती हैं।

  2. दोषपूर्ण या खण्डित बुध रेखा जातक में वाद-विवाद की भावना उत्पन्न करती है तथा गणित विषय में असफलता दिलाती है।

  3. बुध रेखा स्पष्ट मोटी और नीचे की ओर चन्द्राकार होने से जातक में भाषण की दक्षता, विद्वत्ता, एवं ख्याति दिलाती है।

  4. बुध रेखा क्षेत्र में अधिक रेखा होने से जातक अधिकाधिक बोलने के कारण स्वतः का सम्मान खोता है और दुःखी रहता है।

  5. यदि ललाट में एक सर्पाकार रेखा हो तथा बुध रेखा क्षेत्र में दो से अधिक खड़ी रेखायें हो तो जातक अच्छा वक्ता और स्त्रियों के मध्य रहने वाला होता है।