Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

17. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — कक्षालक्षण

कक्षालक्षण

अ्स्वेदनपीनोन्नतसुगन्धिसमरोमसंकुलाः कक्षाः। विज्ञातव्या धनिनामतोऽन्यथार्थैविहीनानाम्॥३७॥ जिनकी कक्षायें पमीनारहित, मोटी, ऊंची तथा सुगन्धित होकर समान लोमों सामुद्रिकशास्त्रस्य आवृत हों तो उन प्राणियों को विशेपता से धनशाली जानना चाहिये और इससे विपरीत निर्धनियों की जानना चाहिये यानी जिनकी कक्षायें उक्कलक्षणीवाली न हों तो वे प्रागी दरिद्री होते हैं॥ ३७ ॥