Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

31. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — इन्वादीनां दीर्घलक्षण

इन्वादीनां दीर्घलक्षण

हनुलोचनवाहुनासिका: स्तनयोरन्तरमत्र पञ्चमम्। इति दीर्घमिदन्तु पञ्चकं न भवत्येव नृणामभूभृताम् ॥६२॥ सामुद्रिकशास्त्रस्य जिनके हनु (टुड्डी ) लोचन, वाहु, नासिका (नाक) और स्तनों का अन्तर (मध्य ये पांच स्थान दीर्घ हों तो वे पराणी राजा होते हैं और राजाओं से अन्य पुरुषों के पूर्वोक्क पश्चस्थान दीर्घ नहीं होते हैं ॥। ६२ ।।