Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

44. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — वर्णलक्षण

वर्णलक्षण

द्ुतिमान् वर्ण: स्निग्व: क्षितिपानां मध्यमः सुतार्थवताय्। रूक्षो धनहीनानां शुद्धरशुभदो न संकीर्ण: ।। ६।। जिनका वर्ण तेजस्वी होकर चिकना हो तो वे पाणी पृथ्वीपाल होते हैं व जिन वर्ष मध्यम हो तो वे मासी पुत्रवान होकर धनवान होते हैं व जिनका वर्ण रूखा हो वे मासी निर्वनी होते हैं व जिनका वर्ण शुद्ध हो तो उन माखियों को शुभदायक होता है और जिनका वर्ख मिश्रित हो तो वे भाी बड़े दीन होते हैं॥ ६ ।।