45. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — मुखस्वभावलक्षण
मुखस्वभावलक्षण
साध्यमनूकं वक्राद्वोवृपशार्डूलसिंहगरुडमुखाः। छपतिहतप्रतापा जितरिपवो मानवेन्द्राश्।।७।। मुख से स्वभाव को साधना चाहिये इसलिये जिनका मुख गौ, वैल, वाघ, सिंह और गरुड़ के समान हो तो वे प्राणी राजा होते हैं जिनका प्रताप सब कहीं बना रहता है और युद्ध में वैरिवरगों को पराजित करते हैं ।। ७॥