Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

57. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — स्त्रीणांचित्तादिलक्षण

स्त्रीणांचित्तादिलक्षण

नासा समा समपुटारुचिरा प्रशस्ता दग्नीलनीरजदलद्युतिहारिणी च॥८॥ जिन स्ति्रियों का चित्त दयाशील होकर कपट से रहित हो व जिनका शब्द कोकिला च हंसशब्द के समान मनोहर होकर दीनतासूचक न हो तो वे ख्ित्रयाँ बड़े सौख्य को पाती हैं व जिनकी नासिका सम व समान पुटवाली होकर दर्शनीय हो तो पशस्त जानना चाहिये व जिनके दोनों नेत्र नील कमलदल के समान हों तो अच्छे कहाते हैं ॥ ८ ॥