Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

65. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — ग्रीवालक्षण

ग्रीवालक्षण

हस्वयातिनिःस्वता दीर्घया कुलक्षयः। ग्रीवया प्रथूत्थया योपितः प्रचरडता ॥ १६ ॥ जिन स्त्रियों की ग्रीवा (घींच) बहुत छोटी हो तो वे दरिद्विणी होती हैं व जिनक ग्रीवा दीर्घ हो यानी लम्बी हो तो वे स्त्रियाँ वंश को विनाशती हैं व जिनकी ग्रीवा चौड हाकर ऊँची हो तो वे स्त्रियां कोप में परायण रहती हैं यानी आाठों पहर कोपही किय करती हैं॥ १६॥