Books / Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press)

71. Sāmudrika Śāstra (Nawal Kishore Press) — गमने कनिष्ठिकादिलक्षण

गमने कनिष्ठिकादिलक्षण

यस्याः कनिष्ठिका भूमि न गच्छन्त्या: परिस्पृशेत्॥ १६॥ सा निहत्य पतिं योषा द्वितीयं कुरुते पतिम्। अनामिका च मध्या च यस्या भूमिं नहि स्पृशेत् ॥२०॥ पतिद्वयं निहन्त्याद्या द्वितीया च पतित्रयम्। पतिहीनत्वकारिएयो हीने ते दे इमे यदि॥ २१॥ चलती हुई जिस स्त्री की कनिष्ठिका अँगुली भूमिको नहीं स्पर्श करती हो तो वह स्ी पतिको मारकर दूसरा पति करती है और जिस स्त्री की अनामिका व मध्यमा अँगुज्ी भूमि को नहीं छूती हो यानी जिसकी अनामिका अँगुली भूमि का स्पर्श नहीं करे तो वह स्त्री दो पतियों को मारती है और जिसकी मध्यमा अँगुली भूमि को नहीं छूती हो तो व स्त्री तीन पतियों को मारती है और यदि अनामिका व मध्यमा ये दोनों अँगुलियां ही हों तो वे पति को विनाशती हैं ॥ १६। २१। 액: 원 석 월