Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

17. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — बाहुलक्तण

बाहुलक्तण

करिकरसदशौ वृत्तावाजान्ववलम्बिनौ समौ पीनौ। बाहू पृथिवीशानामधमानां रोमशौ इस्वौ॥ ४० ॥ जिनकी दोनों भुनाएँ गोलाकार, हाथी की सुँड़ के समान, परस्पर चरावर और मोटी हों तथा घुटनों तक लम्बी हों वे भूपाल होते हैं। जिनकी दोनों वाहॅ रोमसहित छोटी हों वे निर्धनी कहाते हैं ॥। ४० ॥