Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

19. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — मणिबन्धलक्षण

मणिबन्धलक्षण

मणिबन्धनैर्निगूढैर्द्ैदेश्च सुश्लिष्ट्सन्धिभिर्भूपाः । हीनैर्हस्तच्छेदः श्लथैस्सशव्दैश्च निर्दव्याः।४३॥ जिनके मशिबन्ध (कलाई) गंमीर पुष्ट तथा सन्धियों से लिपटे हों, वे पृथ्तीपति होते हैं। जिनके कब्जे छोटे तथा सन्धियों से ढीले हों, ऐसे माणियों का हाथ काटा जाता है। जिनके कब्ज़े शब्दसमेत हों वे धन- रहित होते हैं ।। ४३ ॥