Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

28. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — रुदितलक्षण

रुदितलक्षण

रुदितमदीनमनश्रु स्निग्धं च शुभावहं मनुष्याणाम्। रूक्षं दीनं प्रचुराश्रु चैव न शुभप्रदं पुंसाम्॥ ७८ ॥ दीनतारहित व अश्रुपातविहीन रोना शुभ लक्षर है। रूखा व दीनता- सूचक तथा बड़े आँसुओंवाला रोना शुमदायक नहीं होता।। ७८ ॥।