41. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — सप्सारलक्षण
सप्सारलक्षण
सप्त भवन्ति च सारा मेदोमज्जात्वगस्थिशुक्राणि। रुधिरं मांसं चेति प्राणभृतां तत्समानफलम् ॥ १०० ॥ मेदा, मज्जा, त्वचा, अस्थि, शुक्र, रुधिर और मांस ये सात माखियों के शरीर में सार पदार्थ हैं। उन्हींके समान फल को कहै ॥ १०० ॥