Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

43. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — मज्जामेदस्सारलक्षण

मज्जामेदस्सारलक्षण

स्निग्धत्वक्का धनिनो मृदुभिः सुभगा विचन्तणास्तनुभिः । मज्जामेदःसाराः सुशरीराः पुत्रवित्तयुक्काः॥२॥ जिनकी खाल चिकनी और शरीर कोमल हो तो उनमें त्वचा का सार जानना चाहिये। वे मनुष्य धनी, सौमाग्यशाली तथा बड़े पएिडत होते हैं। जिनका शरीर अतिमुशोमन हो, उनमें मज्जा और मेदा का सार जानना चाहिये। ऐसे लोग पुत्रवान् और धनशाली होते हैं॥ २॥