52. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — मनुजसत्वलक्षण
मनुजसत्वलक्षण
मंर्त्यसत्त्वसंयुतो गीतभूषणप्रियः । संविभागशीलवान्नित्यमेव मानवः ॥ १६।। जिसका स्वभाव मनुष्य के समान हो वह गानेवाला, वस्र आभूपणों से प्रीति रखनेवाला और शीलवान् होता है॥ १६ ॥
मंर्त्यसत्त्वसंयुतो गीतभूषणप्रियः । संविभागशीलवान्नित्यमेव मानवः ॥ १६।। जिसका स्वभाव मनुष्य के समान हो वह गानेवाला, वस्र आभूपणों से प्रीति रखनेवाला और शीलवान् होता है॥ १६ ॥