8. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — स्फिक्लक्षण
स्फिक्लक्षण
जिसके कूल्हे बहुत मोटे हों वह दरिद्री होता है। जिसके कूल्हे मांसल १. अशीघ्रमैधुन्यल्पायुः स्थूलस्फिग्जघनोज्सितः। मांललस्फिकसुखी स्याच्च सिंहस्फिक् भूपतिः स्मृतः ॥ हों वह सुखी होता है। जिसके कूल्हे मध्यम हों वह रोगी होता है। जिसके कुल्हे मेंडक के समान हों वह नरपाल होता है॥। २२।।