Books / Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla)

89. Sāmudrika Śāstra — Parts 1 & 2 (Śukla) — कक्षलक्षण

कक्षलक्षण

कच्ते सुसूचमरोमे तु तुङे स्निग्धे च मांसले। शस्ते न शस्ते गम्भीरे शिराले स्वेदमेदुरे ॥६६॥ जो कांखें पनले रोमवाली, ऊँची, चिकनी, मांस से भरी हों तो शुभ- दायक होती हैं। गहरी न्सोंवाली, पसीने से चिकनी काँखें शुभदायक नहीं होतीं ।। ६६।। स्यातां दोषौ सुनिर्दोषी गूढास्थिग्रन्थिकोमलौ।